12 पुलों के निर्माण में वीजा का पेंच

ऊना। स्टेट रोड प्रोजेक्ट के अधीन अंब से मैहतपुर तक के दायरे में 12 पुलों का निर्माण लटक गया है। चीन की लांगजिएन रोड एंड ब्रिज कंपनी के पास सड़क और पुल निर्माण का कार्य है। चीनी कंपनी के ढीले रवैये से अधिकारियों के साथ लोगों की भी दिक्कतें बढ़ रही हैं।
चीनी कंपनी तर्क दे रही है कि वीजा न मिलने के कारण चीन से कंपनी के इंजीनियर भारत नहीं पहुंच पा रहे हैं। जब इंजीनियर आएंगे तो पुल निर्माण कार्य में तेजी आएगी। वीजा को लेकर पेंच दिल्ली में अड़ा हुआ है। इधर, स्टेट रोड प्रोजेक्ट के अधिकारियों का कहना है कि चीनी कंपनी को 2007 के रेट के हिसाब से काम अवार्ड हुआ है। कंपनी के पास अभी करीब 40 करोड़ का काम है और कंपनी इसे 40 करोड़ में ही करने को तैयार भी है। जब री टेंडर की प्रक्रिया शुरू करने की योजना बनी तो दूसरी कंपनियां इस काम को 60 से 70 करोड़ रुपये में करने क ो तैयार हो रही हैं। 20 से 30 करोड़ रुपये का फासला भी अड़चन पैदा कर रहा है। जानकारों की मानें तो वर्ल्ड बैंक भी एक ही काम को दो कंपनियों को एक साथ करने की अनुमति नहीं देगा। री टेंडर की प्रक्रिया तब अपनाई जा सकती है, जब चीन की कंपनी काम छोड़ दे।

दो पुल बनाने को तैयार चीनी कंपनी
स्टेट रोड प्रोजेक्ट के एसडीओ प्रदीप कुमार शर्मा ने कहा कि चीनी कंपनी बहडाला और नंदपुर में दो पुल बनाने को तैयार है। कंपनी ने इन पुलों का काम इन दिनों शुरू कर रखा है। बहडाला पुल का स्पेन 15 मीटर है। बाकी पुल बनाने को भी चीनी कंपनी तैयार तो है, लेकिन यह तभी संभव हो पाएगा जब चीन से आने वाले इंजीनियर यहां पहुंचेंगे।

किस पुल का कितना काम
शर्मा ने कहा कि इस दायरे में कुल बारह पुल बनने हैं। चार पुल लगभग तैयार हैं लेकिन इनमें रेलिंग समेत अन्य कुछ कार्य शेष है। इन चार पुलों का निर्माण 90 फीसदी पूरा हो गया है। तीन पुलों का काम शुरू किया गया है। बसाल पुल का कार्य 15 फीसदी, लालसिंगी पुल का कार्य 25 फीसदी और ऊना पुल का कार्य 40 फीसदी पूरा हो गया है। चार अन्य पुलों का कार्य अभी शुरू होना है।

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